किसी भी पौधों के उत्पादन और वृद्धि के लिए सबसे जरूरी होती है मिट्टी। फसल चाहे जैसी भी हो यदि मिट्टी की गुणवत्ता में कोई कमी रह जाए तो फसलों का उत्पादन प्रभावित हो जाता है। इसलिए मिट्टी की गुणवत्ता का खासा ध्यान रखना जरूरी है। मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी है […]
जानें प्याज की उन्नत खेती और किस्मों के बारे में…
प्याज रसोईघर की शान है। चाहे कीमत कम हो या ज्यादा, हर घर में इसकी उपलब्धता जरूर होती है। गर्मियों के समय तो इसकी डिमांड कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। क्योंकि इसकी खूबियां भी बहुत है। तो चलिए आज बात करते हैं, प्याज की खेती और उसकी किस्मों के बारे में… मिट्टीवैसे तो प्याज […]
सुपोषण अभियान के लिए महिला समूह कर रहीं अण्डों का उत्पादन
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान राज्य शासन की एक महात्वाकांक्षी योजना है। जिसके तहत् 02 से 06 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को सही मात्रा में पोषणयुक्त आहार प्रदान करने के लिए शासन द्वारा बच्चों को अण्डे खिलाने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत् जिले में प्रतिमाह 02 से 06 वर्ष तक के 8161 बच्चों को अण्डा […]
मुर्गी पालन से परिवार हुआ सशक्त
विकासखंड बैकुन्ठपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत झरनापारा के ग्राम सत्तीपारा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन (बिहान) के तहत महाषिव शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। इस समूह में कुल 11 सदस्य हैं जिसमें शामिल चमेली पैकरा मुर्गीपालन का कार्य कर अपने परिवार की हर आवश्यक ज़रूरत को पूरा करने में सक्षम […]
करेले की खेती का समय और किस्में…
करेले की खेती के लिए ज्यादा बारिश और ज्यादा ठंडी या गर्मी दोनों ही हितकर नहीं होती। इसलिए इसकी खेती मैदानी भागों में प्राय: फरवरी और मार्च के बीच की जाती है तो पहाड़ी क्षेत्रों में अप्रैल से जून तक। जलवायु:- करेले की फसल कद्दूवर्गीय फसलों की अपेक्षा कम तापमान वाली जलवायु में उगाया जा […]
अंगूर की खेती और उन्नत किस्में….
गर्मी का मौसम आते ही बाजार अंगूर से भर जाते हैं। अंगूर कई पोषक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें मौजूद पॉली-फेनोलिक फाइटोकैमिकल कंपाउंड हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के कारण अंगूर का सेवन जरूरी है। इसका इस्तेमाल शूगर को नियंत्रित करने, अस्थमा, हृदय रोग, कब्ज, हड्डियों के स्वास्थ्य आदि […]
पेड़ों पर जाली बांध कर महुवा संग्रहण
जशपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत झरगांव के गौठान और विकासखण्ड दुलदुला के गौठान में ग्रामीण स्व सहायता समूह की 56 महिलाएॅ आजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जशपुर जिले के दूरस्थ अंचल में निवास करने वाले महिलाएॅ लुघु वनोपज की संग्रहण कार्य में शुरू से ही जुड़ी हुई हैं और महुआ का संग्रहण […]
छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू
छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष 2021 के दौरान तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो गया है। राज्य में चालू वर्ष के दौरान 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण […]
ऐसे करें लहसुन और प्याज का भंडारण…
लहसुन और प्याज दो ऐसी फसलें हैं, जिनका भंडारण सही तरीके से किया जा सके तो ये लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। इसके विपरीत यदि भंडारण में कुछ गलती हुई तो ये दोनों फसलें जल्द ही खराब हो जाती हैं। तो आइए आज हम बताते हैं, इनके भंडारण के बारे में… कंदों को […]
दो प्रकार से की जा सकती है कटहल की खेती…
कटहल का एक वृक्ष तैयार होने में ही 5 से 6 साल का समय लगता है। इसलिए इसकी देखभाल की खास जरूरत होती है, जब तक पौधा वृक्ष के रूप में ना बदल जाए। कटहल कच्चा या पका, दोनों उपयोगी होता है। इसकी बाजार में डिमांड भी काफी होती है। इसके बाग यूपी, बिहार, झारखंड, […]
